Background

उत्तर प्रदेश में काष्ठ आधारित उद्योग इकाईयों के स्थापना सम्बन्धी नवीन लाइसेंस के सम्बन्ध में
मा0 उच्चतम न्यायालय द्वारा रिट याचिका संख्या-सिविल 202/1995 टी0एन0 गोडावर्मन थिरुमलकपाद बनाम भारत संघ व अन्य में काष्ठ आधारित उद्योगों के सम्बन्ध में तिथिवार निम्न प्रमुख आदेश पारित कियेः-
(क) मा0 उच्चतम न्यायालय के आदेश दिनांकित 04.03.1997 (इन्टरनेट पर उपलब्ध) द्वारा उ0प्र0 राज्य में आरामशीन की नयी इकाई स्थापना पर प्रतिबन्ध लगा दिया गया था।
(ख) मा0 उच्चतम न्यायालय के आदेश दिनांकित 01.09.2006 (इन्टरनेट पर उपलब्ध) द्वारा उ0प्र0 में प्लाईवुड/विनियर उद्योग की नयी इकाई की स्थापना पर प्रतिबन्ध लगा दिया गया।
(ग) मा0 उच्चतम न्यायालय के आदेश दिनांकित 05.10.2015 (इन्टरनेट पर उपलब्ध) जिसका प्रभावी अंश निम्न प्रकार हैः-
(i) The State Level Committees for Wood-Based Industries (“SLCs”) are, subject to the compliance of the prescribed guidelines and procedure, authorized to take decisions regarding the grant of license/permission to the wood-based industries;
(ii) In each State/UT for which the SLC has so far not been constituted, the SLC under the Chairmanship of the Principal Chief Conservator of Forests with a representative of the Ministry of Environment and Forest and Climate Change (“MoEFCC”) and an officer of the State Forest Department/Industries Department not below the rank of the Chief Conservator of Forests/ equivalent rank will immediately be constituted;
(iii) The MoEF is authorized to issue appropriate guidelines in conformation with the orders and directions issued by this Court and also the existing guidelines to the SLCs relating to assessment of timber availability for wood-based industries and grant of license/permission to the wood-based industries including addition of new machineries and also utilization of amounts recovered from the wood-based industries and connected matters;
मा0 उच्चतम न्यायालय के आदेश दिनांक 05.10.2015 के समादर में निर्धारित दिशा निर्देशों और प्रक्रिया का पालन करने की शर्तो के अधीन उ0प्र0 में राज्य स्तरीय समिति को काष्ठ की उपलब्धता का आंकलन करने एवं उपलब्धता के आधार पर काष्ठ आधारित उद्योग के लाइसेंस जारी करने का निर्णय लेने हेतु अधिकृत किया गया, साथ ही भारत सरकार, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को मा0 न्यायालय के आदेशो, दिशा निर्देशों एवं प्रक्रिया के अनुरुप दिशा निर्देश निर्धारित करने हेतु मा0 उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्देश दिये गये।
2- मा0 उच्चतम न्यायालय के आदेश दिनांक 05.10.2015 के आलोक में भारत सरकार, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा जारी काष्ठ आधारित उद्योग (स्थापना एवं विनियमन) दिशा निर्देश 2016 दिनांकित 11.11.2016 व इसमें संशोधन दिनांकित 11.09.2017 को भारत सरकार के गजट में प्रकाशित हुये।
3- भारत सरकार के उक्त दिशा निर्देशों के क्रम में उ0प्र0 सरकार द्वारा उ0प्र0 आरामिल (स्थापना एवं विनियमन) छठवा संशोधन नियमावली, 2017 को उ0प्र0 शासन, वन एवं वन्यजीव अनुभाग-2 की अधिसूचना संख्या-621/14-2-2018-165जी -2017 दिनांक 14.03.2018 उ0प्र0 असाधारण गजट, 14 मार्च, 2018 को प्रकाशित हुयी।
4- उक्त मा0 उच्चतम न्यायालय के आदेश/भारत सरकार के दिशा निर्देश/उ0प्र0 सरकार द्वारा उ0प्र0 आरामिल (स्थापना एवं विनियमन) षष्ठम संशोधन नियमावली, 2018 के क्रम में राज्य स्तरीय समिति मांग व पूर्ति के सम्बन्ध में समुचित अध्ययन के द्वारा राज्य में काष्ठ की उपलब्धता का आंकलन कर नये काष्ठ उद्योगों के लिये नया लाइसेंस दिये जाने या विद्यमान लाइसेंस प्राप्त क्षमता को बढ़ाये जाने पर विचार करने हेतु अधिकृत की गयी है। राज्य स्तरीय समिति के निर्णय के क्रम में प्रदेश में वन क्षेत्र के बाहर TOF (Trees Outside Forests) द्ध प्रजातिवार पेड़ों के कुल प्रकाष्ठ एवं वार्षिक उपज (Yield) आकलन महानिदेशक, भारतीय वन सर्वेक्षण, देहरादून से कराया गया है।
5- महानिदेशक, भारतीय वन सर्वेक्षण, देहरादून से प्राप्त प्रकाष्ठ के आधार पर काष्ठ आधारित उद्योगों के आठ श्रेणियों हेतु नये लाइसेंस प्रदान किये जाने की कार्यवाही की जा रही है।
6- वर्तमान में प्रदेश में 6,152 आरामिल, 207 विनियर, 74 प्लाईवुड, 165 विनियर व प्लाईवुड मशीने संचालित है।
7- ऑनलाइन आवेदन दाखिल करने के समय सकल सम्पत्ति (नेट वर्थ) समर्थन में प्रासंगिक दस्तावेज जमा करना आवश्यक होगा। ऐसा करने में विफल रहने वालों के ऑनलाइन आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा। सकल सम्पत्ति (नेट वर्थ) मानदंड आवश्यकता पूर्ण न करने वाले आवेदकों के आवेदन आगामी जाँच के लिये स्वचालित रूप से अयोग्य घोषित हो जाएंगे और उनके आवेदन अनर्ह के रूप में निरस्त हो जायेंगे। केवल अर्ह आवेदकों में से ही ऑनलाइन Draw of lots के माध्यम से सफल आवेदक का चयन किया जायेगा।
8- आवेदक, एक कानूनी इकाई के रूप में, प्रत्येक श्रेणी में लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकता हैं। कानूनी इकाई में व्यक्तिगत, एकल साझेदारी वाली फर्म, साझेदारी फर्म, व्यक्तियों का संघ (ए0ओ0पी0), हिंदू अविभाजित परिवार (एचयूएफ), प्राइवेट लिमिटेड कंपनी, पब्लिक लिमिटेड कंपनी, सरकारी विभाग या उपक्रम और सीमित देयता भागीदारी (एल0एल0पी0) शामिल है। प्रत्येक श्रेणी के लिए अलग आवेदन की आवश्यकता होगी। आवेदक के एक से अधिक श्रेणियों के लिए सफल होने की स्थिति में वह अपनी पसंद की श्रेणी में केवल एक लाइसेंस प्राप्त करने के लिए अर्ह होगा।
9- सफल आवेदक को लाइसेंस दो चरणों की प्रक्रिया के माध्यम से दिया जाएगा। आवेदकों से प्राप्त आवेदनों के ऑनलाइन ड्रा के माध्यम से लाइसेंस प्राप्त करने में सफल होने पर आवेदक को सैद्धान्तिक अनुमोदन/प्रस्ताव पत्र निर्गत किया जाएगा। इस पत्र में विभिन्न नियम और शर्तें निर्धारित होगी। इन शर्तो में भूमि, उपकरण एवं संयंत्र की खरीद व्यवस्था एवं का0आ0उ0 स्थापित करने हेतु एस0एल0सी0 द्वारा निर्दिष्ट समयरेखा आदि शामिल होंगे।

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Affidavit Proforma (Rs. 100) License Renewal





काष्ठ आधारित उद्योगों के नए लाईसेंस के सम्बन्ध में आवश्यक सूचना

काष्ठ आधारित उद्योगों के नए लाईसेंस के आवेदन में भुगतान के सम्बन्ध में आवश्यक सूचना वन अपराध के लम्बित न होने के संबंध में शपथ पत्र व्यक्तिगत के लिए

वन अपराध के लम्बित न होने के संबंध में शपथ पत्र कंपनी / फर्म के लिए

उत्तर प्रदेश वनविभाग के नियमो और विनियमों से सहमत होने सम्बन्धी शपथपत्र

Application for New License in respect of 8 categories of wood based industries will start on 15.06.2018

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Terms and Conditions for New License application

Video help file for WBI New License

Wood Based Industries(Establishment and Regulation) Guidelines 2016

Letter regarding Saw Mill Niymawali 2018

Saw Mill Niymawali 2018